छत टपकती थी अगरचे फिर भी आ जाती थी नींद मैं नए घर में बहुत रोया पुराने के लिए
Motivation Shayari: मरूँगा भी तो हज़ारों को ज़िन्दगी देकर। Motivation Shayari ग़ज़ल बुझा है दिल भरी महफ़िल में रौशनी देकर मरूँगा भी तो हज़ारों को ज़िन्दगी...